कैसे पृथ्वी का जन्म हुआ
कैसे सूर्योदय हुआ
क्यों फिर रात आई
चाँद सितारों को साथ लाई
डायनासोर के काल में
पिरामिडों के साल में
दूर रेगिस्तान में
तूतनखामन के जाल में
मछली सा तडपता
मगरमच्छों से बचता
कैसे जन्म मेरा हुआ
एक सवाल माँ से पूछता
माँ ऊपर आकाश की ओर देखती......
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शुक्रवार, 17 जुलाई 2009
सोमवार, 6 अप्रैल 2009
जीवन...
गुरुवार, 19 फ़रवरी 2009
निंदिया सबसे प्यारी तू...लोरी व प्रभाती गीत संग्रह प्रकाशित

सुविख्यात बालकवि डा0 अजय जनमेजय का लोरी व प्रभाती गीत संग्रह - निंदिया सबसे प्यारी तू -अविचल प्रकाशन,बिजनौर से 18 फरवरी 2009 को प्रकाशित हो गया है इस संग्रह में 44 लोरियाँ व 20 प्रभाती गीत संग्रहीत हैं पुस्तक में सुदर लोरी व गीतों के साथ सुंदर चित्रांकन हरिपाल त्यागी व आवरण शकील बिजनौरी का है पुस्तक के पेपर बैक संसकरण का मूल्य -165 रू0 है
पुसतक की एक लोरी की बानगी देखिये...निंदिया तोरे, करूँ निहोरे
अब आ भी जा,अब आ भी जा
झम्मक झइयाँ झम्मक झइयाँ ।
मुन्ना रोए, पलके भारी
सोना चाहे तू आ जा री
आते-आते रूक मत जाना
ठइयाँ ठइय़ाँ ठइयाँ ठइय़ाँ ।
बनकर शीतल झोंका तू आ
खुशबू सारे उपवन की ला,
धीरे-धीरे आहिस्ता से
पइयाँ पइय़ाँ पइय़ाँ पइय़ाँ ।
जागेगा तब कुछ ठुनकेगा
गोदी को मेरी मचलेगा,
आकर गोदी में नाचेगा ।
छम्मक छइयाँ छम्मक छइयाँ ।
शनिवार, 3 जनवरी 2009
संयुक्त राष्ट्र...से क्या लाभ
कहाँ है संयुक्त राष्ट्र , जो कि बेकसूर फिलिसतीनियों के नरसंहार के लिये आक्रामक इस्राइल को कडा सबक सिखाने का साहस नहीं कर पाता उसे तो केवल इराक , अफगानिस्तान व ... ही दिखते हैं जो कि बेकसूर इराकीयों पर विशव के 28 देशों के साथ मिलकर हमला करते है संयुक्त राष्ट्र मोन है... ऐसे संयुक्त राष्ट्र का क्या लाभ
बुधवार, 31 दिसंबर 2008
बुधवार, 24 दिसंबर 2008
जीनियस रफी -24 दिसंबर जन्मदिन पर विशेष
मोहम्मद रफी कितने जीनियस थे इस बात का खुलासा संगीतकार रवि ने किया कि सिंगापुर में स्टेज प्रोग्राम चल रहा था फिलम - `अपना बना के देखो" का गीत- राज ए दिल उनसे छुपाया ना गया , काफी लोकप्रिय हो रहा था स्टेज पर यह गीत गाते हुऐ रफी गीत की लय भूल गये मगर रफी ने गीत को एक अलग ही लय में गा कर श्रोताओ की वाहवाही लूट ली । फिलम- अपना बना के देखो
संगीतकार- रवि
गीतकार- असद भोपाली
गायक - मोहम्मद रफी
गीत को सुन ने के लिये यहाँ क्लिक कीजिए - http://www.guruji.com/
मंगलवार, 23 दिसंबर 2008
आवाज के जादूगर-मोहम्मद रफी (24दिसंबर1924- जन्मदिन)
मोहम्मद रफी जिन का नाम लेते ही संगीत के खजाने खुल जाते हैं आवाज के इस जादूगर का जन्म 24 दिसंबर 1924 को अमृतसर के छोटे से गांव कोटला सुलतानसिंह में हुआ था मोहम्मद रफी ही विशव के एकमात्र गायक हैं जिन्होनें सर्वाधिक नायको को आवाज दी, पृथ्वीराज कपूर की तीन पीढियों को स्वर देने का एकमात्र श्रेय भी रफी को ही जाता है वर्ष 1970 से 72 तक किशोर कुमार वेव के चलते रफी साहब को 2 वर्षो तक लगभग खाली बैठना पडा तब किसी के पूछने पर कि आजकल किशोर के गीत बज रहे हैं आप के नहीं, इसपर रफी साहब ने मुस्कुरा कर जवाब दिया कि किशोर के सुर किशोर के पास हैं मेरे सुर मेरे पास। सच ही कहा था रफी साहब ने। छठे दशक में बिनाका गीतमाला में प्रत्येक सप्ताह 16 गीत बजते थे जिसमे 12 गीत रफी साहब के होते थे शेष अन्य गायक गायिकाओ के..क्रमश
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